कुछ लोगों का मानना है कि संकट के समय में महिलाएं बहुत जल्दी हिम्मत छोड़ देती हैं और सही फैसले नहीं ले पातीं। लेकिन हाल में हुए एक अध्ययन से पता चलता है कि पुरुषों की तुलना में महिलाएं अच्छी ड्राइवर साबित होती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पुरुष खतरनाक तरीके से ड्राइविंग कर अपनी और दूसरों की जान को खतरे में डालते हैं। यह अध्ययन जर्नल इंजरी प्रिवेंशन में प्रकाशित हुआ है।
पुरुष करते है खतरनाक ड्राइविंग :
शोधकर्ताओं के मुताबिक, अगर अधिक महिलाओं को ट्रक चलाने का रोजगार मिल जाए, तो सड़कें काफी सुरक्षित होंगी। लंदन के वेस्टमिंस्टर यूनिवर्सिटी में रेशेल एल्ड्रेड ने कहा, ऐसा इस लिए है क्योंकि ज्यादातर ड्राइवर की नौकरी करने वाले पुरुषों में खतरनाक तरीके से वाहन चलाने की संभावना ज्यादा होती है। इस से सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की जान को खतरा होता है। एल्ड्रेड और उन की टीम ने ब्रिटिश डाटा से लिए गए चार कारकों पर ध्यान केंद्रित किया।
इन में साल, 2005 से 2015 के बीच चोट और यातायात के आंकड़े, यात्रा सर्वेक्षण के आंकड़े और जनसंख्या और लिंग के आंकड़े शामिल थे।शोधकर्ताओ ने पाया कि 6 तरह के वाहनों में से 5 वाहनों को चलाने पर पुरुषों ने सड़क के मुसाफिरों को खतरे में डाला। उन्होंने कहा, शोध के निष्कर्षों से पता चला है कि कार और वैन चलाने वाले पुरुषों को महिलाओं की तुलना में दोगुना खतरा था।
जबकि पुरुष ट्रक ड्राइवर के लिए जोखिम 4 गुना अधिक खतरा था। एल्ड्रेड ने कहा, कुल मिलाकर दो-तिहाई मौतें कारों और टैक्सियों से संबंधित थीं। लेकिन शोध से पता चलता है कि अन्य वाहन और भी खतरनाक हो सकते हैं।
वकालत लैंगिक समानता की :
शोधकर्ताओं ने कहा, हम सुझाव देते हैं कि नीति निर्धारकों को ड्राइविंग के पेशे में लैंगिक संतुलन को बढ़ाने के लिए नीतियों पर विचार करना चाहिए। इस से वाहन से लगने वाली चोटों और मौतों में कमी आएगी।
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